60 घंटे से नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों से मंत्री बामनिया बोले-18 को हर हाल में नियुक्ति दिलवाऊंगा

Updated on February 16, 2019 Govt Politics
60 घंटे से नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों से मंत्री बामनिया बोले-18 को हर हाल में नियुक्ति दिलवाऊंगा  , Banswara "जिला परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण नियुक्ति से चूके अभ्यर्थियों का आक्रोश आखिरकार शुक्रवार रात को शांत हुआ। "

रीट लेवल प्रथम के चयनित शिक्षकों ने मंत्री से मिले आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया  

जिला परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण नियुक्ति से चूके अभ्यर्थियों का आक्रोश आखिरकार शुक्रवार रात को शांत हुआ। जब उनके बीच सड़क पर बैठकर राज्यमंत्री अर्जुनसिंह बामनिया ने उनकी समस्या सुनी और 18 और 19 फरवरी दो दिन में अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का भरोसा दिया, तब जाकर 60 घंटे से जारी धरना प्रदर्शन समाप्त किया। मंत्री बामनिया ने कहा कि नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों को 18-19 को हर हाल में नियुक्ति दिलवाऊंगा। साथ ही जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की वजह से जिले के 969 अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिली है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। जिला परिषद के बाहर 13 फरवरी सुबह से धरना दे रहे अभ्यर्थियों को मिलने तीसरे दिन शुक्रवार रात राज्यमंत्री बामनिया पहुंचे और करीब घंटेभर बातचीत कर समस्या का समाधान करने का भरोसा दिया। नियुक्ति आदेश और कोर्ट के स्टे पर मंत्री ने कहा कि बांसवाड़ा का मामला मुख्यमंत्री तक को जानकारी में है। सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिले, इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। जिस मुश्तेदी से सरकार कोर्ट के फैसले को अभ्यर्थियों के पक्ष में कराने के लिए जुटी है, इसके अनुसार स्टे हटते ही 18 को नियुक्ति आदेश दे दिए जाएंगे। कोर्ट के प्रकरण को लेकर सरकार की कोशिशें जानने के लिए शिक्षामंत्री से भी पूरी जानकारी ली है। मंत्री ने कहा कि अगर 18 को नियुक्ति नहीं देते हैं तो वो कहीं भी होंगे, 18 फरवरी की रात को उनके बीच होंगे। आखिरकार मंत्री के भरोसे से आश्वस्त होकर अभ्यर्थी अपने अपने घरों की ओर लौटे। अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज और नियुक्ति में लापरवाही के मामले में मंत्री बामनिया ने कहा कि जिन अधिकारियों, कर्मचारियों ने नियुक्ति प्रक्रिया में लापरवाही बरती है, जिन्होंने धोखा किया है, जिन्होंने गलत बर्ताव किया है। उन्हें इनकी नियुक्ति के बाद निबटेंगे। उन सभी के खिलाफ निश्चित तौर पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अभ्यर्थियों के साथ ऐसा बर्ताव करना सरासर गलत है। 


साहब, कोचिंग के लिए बेटे का चेहरा भी ठीक से नहीं देखा.... और छलक पड़े आंसू  
पार्टी कार्यालय पहुंचे अभ्यर्थियों में से एक महिला ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहा कि साहेब, छोटे-छोटे बच्चे घर छोड़कर कोचिंग गए। और बर्दाश्त नहीं होता....ये कहते हुए एक महिला के आंसू छलक पड़े। महिला ने रोते हुए कहा कि उसने अपने बच्चे को भी ठीक से कई बार नहीं देखा। अब जब चयन हुआ तो ये दिन देखने पड़ रहे है। जिलाध्यक्ष चांदमल जैन ने कहा कि थाेड़ी सी मुस्तैदी प्रशासन बताता तो आपकी ज्वाइनिंग हो जाती। इस बात को हम मानते है। उन्होंने कहा कि जो चूक प्रशासन से हुई है इसके लिए हमने मुख्यमंत्री के ओएसडी से बात की है। ओएसडी ने लेटरपेड पर शिकायत मांगी है। साथ ही भरोसा दिया है कि शिकायत मिलते कार्रवाई की जाएगी। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सीईओ ने गलती की है तो वह एपीओ हाेंगे। कर्मचारी या अधिकारी की गलती अभ्यर्थी किसलिए भुगते। इस दौरान अभ्यर्थियों ने जिला परिषद के एक बाबू की भी शिकायत की।  
 

विधायक मालवीया ने कहा-सीईओ और बाबू की लापरवाही रही  
इससे पहले सुबह जिला कांग्रेस कमेटी में विधायक महेंद्रजीतसिंह मालवीया ने अभ्यर्थियों को बातचीत के लिए बुलाया।जहां चयनितों ने सीईओ को उनकी नियुक्ति से वंचित करने का दोष मढ़ते हुए कार्रवाई का आग्रह किया। चयनितों ने बागीदौरा विधायक महेंद्रजीतसिंह मालवीया के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए बैकडेट में नियुक्ति दिलाने की मांग की। मालवीया ने नियुक्ति प्रक्रिया में सीईओ और बाबू की लापरवाही स्वीकार करते हुए कहा कि सीईओ और विकास अधिकारी के स्तर पर गलतियां हुई हैं। पड़ोस के प्रतापगढ़, उदयपुर और डूंगरपुर में कुछ की नियुक्तियां हो गई। अगर ये चाहते तो नियुक्ति दे सकते थे। उन्होंने कहा कि वे खुद दो दिन से इस संबंध में सरकार से संपर्क में हैं। अभ्यर्थियों को विश्वास दिलाने के लिए मालवीया ने बैठक में ही शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा से फोन का स्पीकर ऑन कर पर बातचीत की। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने बताया कि 18 फरवरी को सुनवाई है और इस मामले में न्यायालय जैसा भी चाहेगा सरकार उसे स्वीकार कर चयनित अध्यापकों को नियुक्ति देने का काम शुरू कर देगी।  
 

बाहरी डिग्री के 286 अभ्यर्थियों की सूची जारी, 47 पर संशय  
इधर नियुक्ति प्रक्रिया में बाहरी राज्यों की डिग्री का पेंच भी शिक्षा विभाग और जिला परिषद की ओर से हल कर दिया गया है। जिन्हें कोर्ट स्टे हटने ही प्रदेश के अभ्यर्थियों के साथ नियुक्ति आदेश जारी कर दिए जाएंगे। 333 बाहरी राज्य की डिग्री वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का फिर से रिव्यू कर इसकी सूची जिला परिषद में भेजी जा चुकी है। हालांकि अब भी 47 अभ्यर्थियों पर संशय बना हुआ है कि वो पात्र है या अपात्र। हालांकि विभागीय जानकारी के अनुसार इन शेष अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का भी रिव्यू बाकि है, जिसके सत्यापन के बाद इनकी भी सूची चस्पा कर दी जाएगी। 



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