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एमजी अस्पताल परिसर से निजी एंबुलेंस देख संयुक्त निदेशक शेख बोले- कल से खड़ी नहीं रहनी चाहिए

Banswara
एमजी अस्पताल परिसर से निजी एंबुलेंस देख संयुक्त निदेशक शेख बोले- कल से खड़ी नहीं रहनी चाहिए
@hellobanswara -

सरकारी योजनाओं के प्रचार के प्रयासों में बताई कमी, पेंशनर्स की दवा सप्लाई समस्याओं पर की चर्चा

एमजी अस्पताल में मंगलवार दोपहर संयुक्त निदेशक(जेडी) जुल्फीकार शेख एकाएक निरीक्षण करने पहुंचे। यहां प्रवेश द्वार पर ही प्राइवेट एंबुलेंस को खड़ी देखकर जेडी ने हैरानी जताई और कहा कि गरीब मरीज इससे भ्रमित होते है। रैफर मामले में जो सेवा निशुल्क मिल रही है इसकी वजह से मरीजों से हजारों वसूले जा रहे हैं। उन्होंने प्राइवेट एंबुलेंस को अस्पताल परिसर से बाहर पार्क कराने के निर्देश दिए। जेडी ने अस्पताल में सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के नाकाफी बंदोबस्त बताए। उन्होंने कहा कि एलईडी लगाकर उसमें कोरोना वायरस और स्वाइन फ्लू के बचाव के तरीकों का भी प्रचार-प्रसार किया जाए।

लेब में ह्रदय रोगियों की जांच के लिए कार्ड टेस्ट और ट्राेप्टी टेस्ट सुविधा नहीं होने पर जेडी ने अस्पताल प्रबंधन से मशीन खरीदवाने के प्रयास करने की बात कही। जेडी ने कहा कि उदयपुर के बाद संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है। ऐसे में ह्रदय रोगियों की जांच की हर बेहतर सुविधा होनी चाहिए। लेब प्रभारी से जानकारी लेने पर बताया कि दिल का दौरे की जांच के लिए ईसीजी की सुविधा है लेकिन पूर्ण रूप से आश्वस्त करने के लिए कई बार ट्रोप्टी जांच जरुरी होती है। बताया जा रहा है कि इस जांच के लिए निजी लेब से 1200 से 1500 रुपए तक शुल्क वसूला जा रहा है। इसके अलावा कार्ड जांच की भी अस्पताल में सुविधा नहीं फिलहाल शुरू नहीं है। इससे पहले जेडी ने डॉक्टरों की बैठक भी ली।

जेडी ने बैठक में पेंशनर्स की शिकायतें मिलने की बात कही। इस पर उपभोक्ता दवा विक्रेताओं को बुलाया गया। जेडी ने उन्हें बताया कि पेंशनर्स की शिकायत है कि उन्हें डायरियां लेने के बाद काफी देर तक इंतजार करवाया जाता है। इस पर दवा विक्रेताओं ने बताया कि पेंशनर्स ज्यादा है। पास में एक दुकान बंद है। जिसे अगर हैंड ऑवर की जाती है तो काफी हद तक राहत मिल सकती है। इसके अलावा टीकाकरण का कोई प्रभारी नहीं होना गंभीर बताया। आउट डोर में डॉक्टरों के समय पर नहीं मिलने की शिकायत पर भी जेडी ने गंभीरता दिखाते हुए कहा कि अभी सिर्फ चेतावनी दी है। अगली बार ओचक निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।

अनुभवी हैल्थ मैनेजर से व्यवस्था सुधार होगा
जेडी को जब बताया गया कि अस्पताल में कोई हैल्थ मैनेजर नहीं है। इस पर जेडी ने कहा कि इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को मिशन निदेशक को अनुभवी हैल्थ मैनेजर लगाने की मांग पत्र लिखने के निर्देश दिए। जेडी ने कहा कि अगर हैल्थ मैनेजर मिलेगा तो अस्पताल में व्यवस्थागत सुधार में मदद मिलेगी। इस दौरान डिप्टी कंट्रोलर डाॅ. वीरेंद्र चरपोटा, नर्सिंग अधीक्षक नवनीत सोनी, डॉ. सर्वेश बीसारिया, डॉ. गौरव सराफ, डॉ. समीर, डॉ. शकील और अन्य स्टॉफ मौजूद रहा।

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