स्वच्छ एप के आंकड़े बता रहे हैं कि इस बार भी पिछड़ेगा बांसवाड़ा 

Updated on January 11, 2019 Health
स्वच्छ एप के आंकड़े बता रहे हैं कि इस बार भी पिछड़ेगा बांसवाड़ा , Banswara "Swachh app data are showing that this time too Banswara will go backward"

सफाई की रैंकिंग : अब तक न कोई शिकायत दर्ज न ही लोगों ने दिया कोई फीडबैक, एक्टिव यूजर की संख्या भी कम 

वर्ष 2018 के स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रदेश के बीस गंदे शहरों में शामिल बांसवाड़ा की रैंकिंग ने हमें शर्मिदा किया था। इसके बाद लोगों ने और नगर परिषद बोर्ड के भाजपा पार्षदों ने नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर विरोध किया। नौबत सभापति को हटाने की मांग तक की आ गई। लेकिन इसके बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं है। 
इसके जिम्मेदार नगर परिषद स्वयं और शहर के लोग भी हैं, जो शहर की सफाई को लेकर गंभीर नहीं है। क्योंकि रैंकिंग का एक आधार लोगों की शिकायत और फीडबैक भी है। स्वच्छ एप के आंकड़े बता रहे हैं कि शहर के लोगों की भागीदारी शून्य है। इसलिए इस बार भी बांसवाड़ा का पिछड़ना लगभग तय ही है। इसके पीछे जिम्मेदार नगर परिषद भी है क्योंकि स्वच्छ एप को लेकर परिषद द्वारा प्रचार प्रचार भी नहीं किया जा रहा है। 
अब 828 लोगों ने ही किया रजिस्ट्रेशन : शहर की सवा लाख जनसंख्या होने के बाद भी स्वच्छता एप रजिस्ट्रेशन करने वाले लोगों की संख्या महज 828 ही है। जिस कारण इनमें भी एक्टिव यूजर महज 3 ही है। जो पिछले माह से 2 कम हो गए हैं। कम यूजर के कारण यूजर एंगेजमेंट महज 0.36 प्रतिशत ही है। जो गत माह 0.61 प्रतिशत था। एप मे फीडबैक, शिकायत और एजेंसी रिस्पोंस शून्य है। 
 

बांसवाड़ा में एप की स्थिति 
माह रजिस्ट्रेशन एक्टिव      यूजर    एंगेजमेंट 

जनवरी 19          828          3          0.36 
दिसंबर 18          819          5          0.61 
नवंबर 18           802          2          0.25 


हमसे सफाई में समस्या कई आगे पड़ौसी डूंगरपुर जिला 
स्वच्छता के मामलों में हम देश के बड़े शहर तो क्या हमारे पड़ौसी जिले डूंगरपुर से भी काफी पीछे हैं। डूंगरपुर शिकायत निवारण में देश में पहले पायदान पर है। 5 जनवरी तक के स्कॉर पर गौर करें तो स्वच्छता निवारण एप में तत्काल शिकायत निवारण के मामले में 400 में से 244 अंक हासिल कर लिए थे। 10 जनवरी तक यह अंक 281 तक पहुंच चुके हैं। इसमें इंदौर और भोपाल जैसे शहर भी टॉप 50 से बाहर हैं। कुछ दिन पहले डूंगरपुर फेस्टिवल के दौरान डूंगरपुर के सभापति केके गुप्ता ने घाेषणा की थी कि इस बार यदि डूंगरपुर स्वच्छता में प्रथम आता है तो साल में दो बार इसी तरह का फेस्टिवल मनाया जाएगा। ताकि और पर्यटकों की संख्या बढ़ाई जा सके।

डूंगरपुर में एप की स्थिति
माह रजिस्ट्रेशन  एक्टिव        यूजर     एंगेजमेंट 

जनवरी19          5336          156          2.92 
दिसंबर18          5282          73            1.38 
नवंबर18          5252          379          7.22 
 

एजेंसी रिस्पोंस-डूंगरपुर 
माह
          शिकायत       निराकरण    प्रतिशत 
दिसंबर18           150          139           92.67 
नवंबर18           48              132           89.19 

स्वच्छता के मामलों में हम देश के बड़े शहर तो क्या हमारे पड़ौसी जिले डूंगरपुर से भी काफी पीछे हैं। डूंगरपुर शिकायत निवारण में देश में पहले पायदान पर है। 5 जनवरी तक के स्कॉर पर गौर करें तो स्वच्छता निवारण एप में तत्काल शिकायत निवारण के मामले में 400 में से 244 अंक हासिल कर लिए थे। 10 जनवरी तक यह अंक 281 तक पहुंच चुके हैं। इसमें इंदौर और भोपाल जैसे शहर भी टॉप 50 से बाहर हैं। कुछ दिन पहले डूंगरपुर फेस्टिवल के दौरान डूंगरपुर के सभापति केके गुप्ता ने घाेषणा की थी कि इस बार यदि डूंगरपुर स्वच्छता में प्रथम आता है तो साल में दो बार इसी तरह का फेस्टिवल मनाया जाएगा। ताकि और पर्यटकों की संख्या बढ़ाई जा सके। 

 

By Bhaskar



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