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राजस्थान के पहले मेंगो फेस्टिवल के अंतिम दिन उमड़े लोग

10 Jun 2019 08:00 am

Banswara June 10, 2019 - फलों के राजा आम की बांसवाड़ा में पाई जाने वाली 46 प्रजातियों से देश-दुनिया को रूबरू करवाने के लिए बांसवाड़ा में आयोजित राजस्थान के पहले मेंगो फेस्टिवल के अंतिम दिन हजारों की संख्या में लोग उमड़े और मेले का लुत्फ उठाते हुए इसे अद्भुत, अपूर्व और अनूठा आयोजन बताया।  
 

जिला प्रशासन, कृषि अनुसंधान केन्द्र तथा बांसवाड़ा पर्यटन उन्नयन समिति के तत्वावधान में आयोजित हो हुए इस तीन दिवसीय बांसवाड़ा मेंगो फेस्टिवल में पिछले तीन दिनों से लोगों ने आम की ढेर सारी प्रजातियों को एक साथ देखने के साथ इन्हें खाने का लुत्फ उठाया वहीं बड़ी संख्या में आम फलों की खरीदी भी की।  
रविवार को अवकाश का दिन होने के कारण हजारों की संख्या में लोग उमड़े और इन स्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा पुख्ता तैयारियां की गई थी। आम के विविध स्टाल्स पर आम की पर्याप्त तादाद भी मंगवाई गई और इसे लोगों को उपलब्ध कराया गया।  रविवार को फेस्टिवल मेले में 10 हजार के अधिक मेलार्थी पहुंचें और फेस्टिवल का लुत्फ उठाया।  इधर, आयोजक पिछले दो दिनों में आमजनता से मिले रेस्पोंस से भी बड़े खुश है और पहली ही बार हुए सफल आयोजन को लेकर उत्साहित दिख रहे हैं।  
देर शाम जिला कलक्टर आशीष गुप्ता भी पहुंचे और उन्होंने यहां विविध स्टालों पर उमड़ने वाले लोगों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए।   

पुदिना मिश्रिम आम पना का दिखा आकर्षण:  
रिलायंस फ़ाउंडेशन के जितेन्द्र चौधरी ने बताया कि फेस्टिवल में रिलायंस फाउंडेशन द्वारा पोषित त्रिपुरा महिला संघ के माध्यम से कच्ची केरी आम पन्ना की क्रीम द्रव की कुल लगभग 170 लीटर से 400 बोतल की बिक्री की वहीं लगभग 340 लीटर आम पन्ना पेस्ट से तैयार किए गए जूस को 5 हजार से अधिक लोगो द्वारा चखा गया एवं बनेश्वर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा 680 किलो केशर आम और उनकी स्लाईस का स्टाल पर लोगो द्वारा टेस्ट किया गया। चौधरी ने बताया कि फेस्टिवल में मिले रेस्पोंस के बाद अब महिला समूह द्वारा शहर में आम पना की दुकान लगाने पर भी विचार किया जा रहा है।  

आम की हुई रिकार्ड  25 क्विंटल बिक्री:  
रविवार को कृषि अनुसंधान केन्द्र, कृषि विज्ञान केन्द्र, उद्यान विभाग और ग्रामीण काश्तकारों के विभिन्न स्टाल्स पर समस्त प्रजातियों के कुल 25 क्विंटल से अधिक आमों की बिक्री हुई जो पिछले तीन दिनों में सर्वाधिक है।  जिले के प्रसिद्ध छींच गांव के प्रेमदीप आम अचार के स्टाल पर भी आज 130 किलो आम का अचार बिका। लोगों ने यहां पर फर्म मालिक प्रेमनागर और जगदीश नागर से आम अचार को टेस्ट करते हुए अचार खरीदा। इधर उद्यान विभाग के स्टाल पर जलज उपाध्याय के निर्देशन में प्रतिदिन की भांति 45 किलो आम पापड़ के साथ आम के 150 पौधों तथा विविध प्रजातियों के आमों की भी बिक्री की गई। इसी प्रकार राजीविका के स्टाल पर भी 25 किलो अचार की बिक्री हुई। 
 
आमपाक और मेंगो शैक का दिखा रौब:  
बांसवाड़ा मेंगो फेस्टिवल में पहुंचने वाले लोगों की पहली पसंद देसी आम के रस से बनाएं जाने वाले आरएमबी के अनिल जोशी द्वारा तैयार किया जाने वाला परंपरागत आम पाक रहा। तीनों दिनों में पहले दो घंटों में ही पूरा-पूरा बिक जाने वाला आम पाक रविवार को भी 85 किलो बिका। अनिल जोशी ने बताया कि आयुर्वेद में क्रोचपाक, बादामपाक सहित कई प्रकार के पाक के बारे में बताया गया है। आमपाक भी शक्तिवर्द्धक पाक होता है। इसके नियमित सेवन से शरीर की दुर्बलता दूर होती है। इसके साथ ही भीषण गर्मी में भी स्वास्थ्य की रक्षा की जा सकती है। दूसरी तरफ मेंगो फेस्टिवल में लोगों ने रविवार को 550 ग्लास मैंगो शैक गटका । इस स्टाल पर नोवल्टी ज्यूस ने पूरे उत्साह के साथ लोगों को रियायती दर पर मेंगो शैक उपलब्ध कराया।     

काश्तकारों को हुआ फायदा, भविष्य में इसको मिलेगा बढ़ावा :
रिटायर्ड रेंजर सज्जनसिंह राठौड़ ने बताया कि इस महोत्सव के आयोजन का सबसे बड़ा फायदा गांव के छोटे काश्तकारों को मिलेगा क्योंकि अब तक जो काश्तकार सीधे ही बड़े व्यापारियों को औने-पोने दामों में अपने आमों को बेच देते थे वे अब इस तरह के महोत्सव के माध्यम से अपनी उपज का पूरा-पूरा और सम्मानजनक दाम ले पाएंगे।  

दूर दराज से पहुंचे लोग, बोले पहली बार देखी आम की इतनी सारी प्रजाति:  
मेंगो फेस्टिवल को देखने के लिए डूंगरपुर से पहुंचे दो परिवार बेहद उत्साहित दिखे। डूंगरपुर के दुर्गाशंकर गामोट, लीना गामोट, भूपेन्द्र गामोट, ज्योति गामोट और अमित गामोट ने पूरे दो घंटे फेस्टिवल में बिताये और सर्वाधिक आकर्षण का केन्द्र 46 प्रजातियों के आमों की प्रदर्शनी को बताया। दुर्गाशंकर गामोट ने इसे वागड़ का अनूठा आयोजन बताया तो भूपेन्द्र गामोट ने इसे माही के वरदान के कारण इस अंचल का सौभाग्य बताया कि यहां इतनी सारी प्रजातियों का उत्पादन हो रहा है।  

महिला समूहों को मिलेगा बढ़ावा:   
फेस्टिवल में पिछले तीन दिनों से महिलाओं को आम उत्पादों के बारे में जानकारी दे रही कृषि विज्ञान केन्द्र की रश्मि दवे ने कहा कि इस फेस्टिवल के माध्यम से महिला समूहों को आयजनक गतिविधियों के लिए अवसर प्राप्त हुआ है। अब तक सिर्फ प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाएं इस प्रकार के फेस्टिवल के माध्यम से अपने उत्पादों को भी बेचना सीख रही है। उन्होंने यहां पहुंची महिलाओं को आम पना, केरी पुदिना शर्बत, अमचुर पाउडर, केरी मुरब्बा, आम का मीठा अचार, केरी जेम, केरी लोंजी तथा केरी पुदिना केण्डी के निर्माण की प्रविधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। 

ग्राम्यांचलों से भी आये मेंगो फेस्टिवल में 
मेंगो फेस्टिवल के अंतिम दिवस रविवार को मेले में बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी। शहर के साथ ही दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग मेले में आये। उन्होंने मेले में प्रदर्शित हो रहे आम की विभिन्न किस्मों को देखा। आम बाग लगाने, पैदावार बढ़ाने आदि की जानकारी ली।  
 
‘यह खास महोत्सव है’ 
प्रदेश के पहले मेंगो फेस्टिवल ने आमजन के मन में विशेष प्रभाव छोड़ा है। लोगों का मानना है कि यह आयोजन बांसवाड़ा की पहचान बनेगा। यह आम का खास महोत्सव है। एक ही परिसर में सभी प्रकार के आमों की जानकारी, उपलब्धता तथा आम से बनने वाले उत्पादों का मिलना लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा। 

ये रहे मौजूद:  
मेंगो फेस्टिवल के तहत आम की रिकार्ड बिक्री को देखते हुए संबद्ध विभागीय अधिकारियों द्वारा भी स्टॉल्स पर नज़र रखते हुए कमी होने पर आपूर्ति की गई | कृषि अनुसंधान केन्द्र के संभागीय निदेशक डॉ. प्रमोद रोकड़िया व सहायक आचार्य डॉ. प्रशांत जांबुलकर, कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी डॉ. एचएल बुगालिया, कृषि उपनिदेशक भूरालाल पाटीदार, रिलायंस फ़ाउंडेशन के जितेन्द्र चौधरी, राजीविका के सुरेश त्रिवेदी, उद्यान विभाग के प्रभारी प्रीतम बामनिया द्वारा लोगों की सुविधा के लिए आम और उनके उत्पादों की बिक्री पर नज़र रखी। जिला पर्यटन उन्नयन समिति के संरक्षक जगमालसिंह, सचिव हेमांग जोशी, पर्यटन उपनिदेशक कमलेश शर्मा, समिति सदस्य मुजफ्फरअली, पर्यटन अधिकारी अनिल तलवाड़िया आदि ने भी व्यवस्थाएं सुचारू करने में सहयोग दिया। 

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