बीटीपी के चक्कर में टिकट से गए भाजपा-कांग्रेस के प्रमुख दावेदार

Updated on March 26, 2019 Politics
बीटीपी के चक्कर में टिकट से गए भाजपा-कांग्रेस के प्रमुख दावेदार , Banswara "बीटीपी के डर से प्रत्याशियों के एलान में देरी, कांग्रेस में सबसे आगे चल रहे भगोरा और भाजपा में कनकमल पर पेंच फंसा"

प्रदेश की 13 सीटों पर 29 अप्रैल को लोकसभा चुनाव होंगे। इसमें बांसवाड़ा डूंगरपुर लोकसभा सीट भी शामिल है, लेकिन यहां अब तक भाजपा और कांग्रेस ने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है।

बीटीपी के डर से प्रत्याशियों के एलान में देरी, कांग्रेस में सबसे आगे चल रहे भगोरा और भाजपा में कनकमल पर पेंच फंसा, उदयपुर और चित्तौड़ से भी प्रत्याशी उतारेगी बीटीपी 

विधानसभा चुनाव में बीटीपी के उदय के बाद भाजपा-कांग्रेस के समीकरण गड़बड़ा गए है। बीटीपी के चक्कर में ही दोनों ही पार्टियों में जो दावेदार नंबर एक पर थे, अब उनके टिकट में पेंच फंस गया है। 
बीटीपी का तोड़़ निकालने के प्रयास में ही प्रत्याशी के नाम जारी करने में देरी हो रही है। भाजपा प्रदेश की 16 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों का एलान कर चुकी है, जिसमें 14 पुराने चेहरे ही मैदान में उतारे गए हैं। लेकिन बांसवाड़ा की सीट पर अभी पत्ते नहीं खोले गए है। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस राजस्थान में प्रत्याशियों के नामों का एलान 26 या 27 मार्च को कर सकती हैं। इसके बाद ही भाजपा शेष 9 सीटों पर नामों की घोषणा करेगी।

उधर, विधानसभा चुनाव के दौरान सागवाड़ा और चौरासी सीट जीतने वाली भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) ने लोकसभा चुनाव में मेवाड़ की तीन सीटों (बांसवाड़ा, उदयपुर और चित्तौड़) से प्रत्याशी उतारना तय कर लिया है। उसके प्रत्याशी इसी सप्ताह घोषित हो सकते हैं। भाजपा कांग्रेस दाेनों पार्टिंयों ने उन आदिवासी नेताओं को भी सक्रिय कर दिया है, जो अपने सामाजिक प्रभाव के बूते आदिवासी क्षेत्र में बीटीपी के वोट बैंक को कमजोर कर सकें।


 

बीटीपी से ऐसे उलझ गई दावेदारी, नए समीकरण बने 
कांग्रेस 
बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा सीट में सालों से कांग्रेस ने परंपरा बना रखी है कि एक बार प्रत्याशी बांसवाड़ा से तो दूसरी बार डूंगरपुर से होगा। इस बार डूंगरपुर के नाम के कारण पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा का नाम लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन बीटीपी के गणित ने भगोरा की दावेदारी को उलझा दिया है। टिकट की रेस में नंबर दो पर चले रहे महेंद्र बरजोड़ बीटीपी के समीकरण के कारण बराबरी के मुकाबले में आ गए हैं। कांग्रेस का एक धड़ा यह भी चर्चा कर रहा है कि बांसवाड़ा से रेशम मालवीया को भी मैदान में उतारा जा सकता है। हालांकि इसकी संभावना कम ही दिख रही है। 
कांग्रेस बागीदौरा से 28 को करेगी चुनावी शंखनाद 
26 को प्रत्याशियों के नामों का एलान करने के बाद कांग्रेस की ओर से 28 मार्च को बागीदौरा में पहली सभा होगी। उदयपुरा बड़ा से 28 अप्रैल को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, राजस्थान प्रदेश के प्रभारी व अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के महासचिव अविनाश पांडे, साथ ही चुनाव प्रचार चेयरमैन रघु शर्मा संबोधित करेंगे। बागीदौरा में पहली सभा से पार्टी के संकेत रेशम मालवीया की दावेदारी को अधिक मजबूत कर रहे हैं। 
 

भाजपा 
विधानसभा चुनाव में बहू अनिता कटारा का टिकट कटने के बाद ऐसा माना जा रहा था कि भाजपा से कनकमल कटारा को लोकसभा में मौका दिया जा सकता है। इसकी उम्मीदें बढ़ गई थी। लेकिन विधानससभा चुनाव में सागवाड़ा से जो नतीजे आए उससे सारे समीकरण बिगड़ गए। इसके बाद कई दावेदार रेस में आ गए। सांसद मानशंकर निनामा, पूर्व विधायक जीतमल खांट, पूर्व नपा अध्यक्ष कृष्णा कटारा, युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री मुकेश रावत, धर्मेंद्र राठौड़, डूंगरपुर से अमृतलाल और मगन गमेती दौड़ में शामिल हैं। डूंगरपुर को अब तक मौका नहीं मिलने के कारण इस बार डूंगरपुर की टीम अड़ी हुई हैं। 
 

बीटीपी का पैनल तैयार: विधानसभा चुनाव में मेवाड़ में मिली सफलता देख बीटीपी लोकसभा चुनाव में मेवाड़ से बाहर भी प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है। प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. वेलाराम घोघरा ने बताया कि बांसवाड़ा और उदयपुर सीट के लिए तीन-तीन दावेदारों के पैनल तैयार कर लिए हैं। चित्तौड़ में दो का पैनल बनाया है। सप्ताह भर में प्रत्याशी घोषित कर देंगे। जोधपुर और जयपुर ग्रामीण से भी दो लोगाें ने टिकट के लिए संपर्क किया है, जिन्हें दावेदारी पेश करने के लिए बुलाया है। वैसे बीटीपी का ज्यादा असर बांसवाड़ा - डूंगरपुर में है। 
 

विधानसभा में वोट शेयर 
कांग्रेस 33.81% 
भाजपा 32.91% 
बीटीपी 12.49% 
अन्य 20.79% 
सीटें : बांसवाड़ा, बागीदौरा, डूंगरपुर, सागवाड़ा, चौरासी, घाटोल, गढ़ी, कुशलगढ़)

 

By Bhaskar



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