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पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुवे दोनों चचेरे भाइयों को बदमाशों के चंगुल से छुड़ाया

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    चचेरे भाइयों काे अगवा कर जंगल में ले जाकर बुरी तरह पीटा उन्हीं के मोबाइल से काका को कॉल कर 20 हजार फिरौती मांगी, पुलिस ने दोनों भाइयों को बदमाशों के चंगुल से छुड़ा लिया
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होली के दिन दो चचेरे भाई बरोड़ा का संदीप पुत्र वासू और गौरव पुत्र लक्ष्मण के साथ 21 मार्च को बाइक पर घूमने निकला इस दौरान दोनों चचेरे भाइयों को  बाइक पर बिठाकर कुछ बदमाशों ने अगवा कर सोनाखोरा के जंगल में ले गए और वहां पर लेजाकर बुरी तरह पीटा और फिर बदमाशों ने मोबाइल से उनके परिजनों को कॉल कर 20 हजार रुपए की फिरौती मांगी। फिरोती नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद कॉलर ने कॉल काट दिया। इसकी जानकारी पुलिस को दी तो पुलिस ने तलाशकर रात को दोनों भाइयों को बदमाशों के चंगुल से छुड़ा लिया। एक आरोपी कुंवानिया का मनोहर पुत्र प्रभु पुलिस गिरफ्त में आ चुका है।

घबराए परिजनों ने थानाधिकारी भैयालाल आंजना को जाकर सबकुछ बताया। इस पर थानाधिकारी ने संदीप को कॉल लगाया तो उसने सागवाड़ा होना बताया, लेकिन सीआई को संदेह हुआ कि शायद अपहरणकर्ताओं के दबाव में संदीप झूठ बोल रहा होगा। इस पर मोबाइल लोकेशन ट्रैस कराई तो कुंवानिया में मिली। इस पर पुलिस का शक बढ़ा तो फिर बदमाशों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। पुलिस ने परिजनों से कहा कि बदमाश जैसे कह रहे हैं वैसे ही करे। बार-बार काका विमलनाथ के मोबाइल पर बदमाश कॉल कर रहे थे। पुलिस ने बदमाशों को फंसाने के लिए विमलनाथ के जरिये 20 हजार रुपए लेने के लिए सेनावासा बसस्टैंड के समीप बुलाया। तब तक रात के करीब 10 बज चुके थे। विमलनाथ बैग लेकर मौके पर इंतजार करने लगा। कुछ दूरी पर सादे कपड़ों में पुलिस जवान भी निगरानी लगाए हुए थे। थोड़ी देर बाद बाइक सवार तीन युवक विमलनाथ के पास आए और रुपए मांगने लगे। इसे देख पुलिस ने तीनों युवकों को घेर लिया। हालांकि, मौके से भाग निकले। 

पकडे गया आरोपी मनोहर से पूछताछ में बताया कि संदीप और गौरव को उसने उसके साथी भंवरवोड़ निवासी शंभु, सुनील, कल्लू और दिनेश के साथ मिलकर सेनावासा से बाइक सहित अगवा कर सोनाखोरा जंगल ले जाकर बंधक बना दिया। फिर क्या शातिर मनोहर ने पुलिस को खूब दौड़ाया। मनोहर पुलिस को जंगल में तो ले गया लेकिन जहां दोनों युवकों को बंधक बनाकर रखा था उस जगह ले जाने की बजाय पुलिस को 10 से 15 किमी इधर-उधर भटकाता रहा। आखिर घंटों बाद मनोहर पुलिस को भूंगड़ा के एक सरकारी स्कूल ले गया। जहां पुलिस ने रेड कर दोनों भाइयों को छुड़ाया। हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर बाकि बदमाश मौके से भाग निकले। 

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