Banswara HelloBanswara
Business

November, 2018

SunMonTueWedThuFriSat
1
2
3
4
5
6
8
9
10
11
12
13
14 Today
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30

Event List

holi
दीपावली
07-11-2018

दीपो के त्यौहार दिवाली का महत्व :

कार्तिक मास की अमावस रौशनी का त्यौहार दिवाली आता है. जिसे भारतीय त्यौहार की आत्मा कहा जाना गलत नहीं होगा. इस दिन रात्रि में भगवान् राम 14 वर्ष उपरांत अयोध्या रावण का वध के करने के पश्च्यात आते है, और उनके स्वागत के लिए पूरी अयोध्या नगरी दीपक के प्रकाश से रोशन हो गई थी इसलिए उस समय से आज तक इस त्यौहार को रौशनी करके ईश्वर के स्वागत करने के लिए मानते है. इस दिन माता लक्ष्मी भी आई थी और कलयुग में सांसारिक वस्तुओं और धन का विशेष महत्व है लक्ष्मी जी ही ऐसी देवी हैं जो अपने भक्तों को संसारिक वस्तुओं से परिपूर्ण करती हैं और धन देती हैं और समुन्द्र मंथन के समय कार्तिक अमावस्या को ही लक्ष्मी जी प्रकट हुई थीं. इसलिए इसी दिन लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है इसलिए माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा की जाती है, जिससे उनकी कृपा हम पर बनी रहे.  

 

दिवाली के उत्सव को मनाने का तरीका :

सहीं मायनों में तो दिवाली के इस पवन उत्सव पर अपने घर की पुरानी वस्तुवों जो की काम की न हो उसे घर से निकले और अपने घर को स्वच्छ करे सामान को बाहर निकल कर उसमे से गन्दगी निकले और घर रंग रोपण कर घर को सजाये, और घी के दीपक और घर में बनीं शुद्ध मिठाइयों से ही दिवाली का ये पवन त्यौहार मनाना चाहिए क्यूंकि दीपक से वातावरण शुद्ध होता है, जिससे वातावरण में ऑक्सिजन की मात्रा बढती है, और दीपक से निकलती लो भीनी-भीनी हवा से दीपक के ऊपर नाचती प्रतीत होती है. जो बाज़ार में मिलने वाली लाइटों से कई अच्छी होती है, और घर में गृहणियों द्वारा  बनाई गई शुद्ध मिठाइयों से बीमार भी कोई नहीं होगा और स्वादिष्ट मिठाइयों का सहीं स्वाद भी हमें मिलेगा और अपने मित्रजन को परोसना में भी संतुष्टि मिलेगी और सहीं मुहूर्त में माँ लक्ष्मी की पूजा पुरे परिवार के साथ करने से ईश्वर की साधना भी होगी और परिवार में मित्रता और प्यार की बढ़ोतरी भी होगी....

 

दीपावली के महूरत 

दिन के महूरत :

 

दीपावली पूजन विधि: 

दीवाली को लक्ष्मी, सरस्वती  और गणेश, भगवान राम और सीताजी की पूजा करने का विधान है. गणेश जी प्रथम पूज्य होने से उनकी पूजन के बिना कोई भी पूजन अधूरा माना जाता  है और सरस्वती जी ज्ञान के लिए  पूजनीय है. 

सुबह  जल्दी उठकर नहा लेना चाहिए. और घर को स्वच्छ कर लेना चाहिए. क्योंकि लक्ष्मी वहीं वास करती हैं जहां सफाई और स्फूर्ति हो. शाम के समय लक्ष्मी जी की फोटो या मूर्ति पर रोली बांधे.

छः चौमुखे व 26 छोटे दीपक रखें. इनमें तेल-बत्ती डालकर जलाएं. फिर जल, मौली, चावल, फल, गुढ़, अबीर, गुलाल, धूप आदि से विधिवत पूजन करें. पूजा पहले पुरुष तथा बाद में स्त्रियां करें. पूजा के बाद एक-एक दीपक घर के कोनों में जलाकर रखें. एक छोटा तथा एक चौमुखा दीपक रखकर निम्न मंत्र से लक्ष्मीजी का पूजन करें:

नमस्ते सर्वदेवानां वरदासि हरेः प्रिया. या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां सा मे भूयात्वदर्चनात॥

इस पूजन के पश्चात तिजोरी में गणेशजी तथा लक्ष्मीजी की मूर्ति रखकर विधिवत पूजा करें. इसके बाद मां लक्ष्मी जी की आरती सपरिवार गाएं. पूजा के बाद खील बताशों का प्रसाद सभी को बांटें.

 

दिवाली और पटाखे :

हम हमेशा देखते है और सुनते है की दिवाली के इस पावन पर होने वाली पटाखों की वजह से दुर्घटनाएं. जिससे कई लोग आज का शिकार हो जाते है. और ये उत्सव का त्यौहार दुःख में परिवर्तित हो जाता है. ये त्यौहार दीपों का त्यौहार है न की पटाखों का. इसलिए आप सभी से निवेदन है की पटाखों से दूर रहे और अन्य लोगो को भी दूर रखे इससे हमें देश का नुकसान नहीं होगा, खुद स्वयं का नुकसान नहीं होगा, वातावरण दूषित नहीं होगा और बड़े ही प्रेम के साथ ये उत्सव हम मना पाएंगे. तो इस बार दिवाली पर उजाला फेलायेंगे ना की प्रदुषण...

Completed
Advertisement

  • Job in Banswara

    बांसवाडा में मार्केटिंग नौकरी प्राप्त करने के लिए संपर्क करे 9413214785