ढोंगी का कोई धर्म नहीं होता, भिखारी की कोई जाति नहीं होती!

Updated on December 27, 2017
ढोंगी का कोई धर्म नहीं होता, भिखारी की कोई जाति नहीं होती!, Banswara "There is no religion of hypocrisy, there is no caste of beggars!"

Banswara December 27, 2017 सदियों से ढोंगियों के शिकार होते रहे हैं भोलेभाले लोग... वर्षों से बीमार मानसिकता से बढ़ रहे हैं भिखारी, किन्तु... ढोंगी का कोई धर्म नहीं होता, भिखारी की कोई जाति नहीं होती.


तो फिर... हर बहस में ढोंगियों के अत्याचार लिए हिन्दू संत समाज से सवाल क्यों? किसी भिखारी की जाति पर बेशर्म बयान क्यों? क्या किसी और धर्म में ढोंगी नहीं हैं? क्या और किसी जाति में भिखारी नहीं हैं?


दरअसल... अत्याचारी, ढोंगी, भिखारी आदि बीमार मानसिकता के शिकार होते हैं और इस बीमार मानसिकता का संबंध, किसी धर्म... किसी समाज... किसी जाति से नहीं होता है, इसलिए... उदाहरण के आधार पर, किसी धर्म... किसी समाज... किसी जाति पर आरोप लगाना बेशर्म मुर्खता है.


कई भिखारी, भीख इसलिए नहीं मांगते हैं कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है या उन्हें कोई काम नहीं मिल रहा है, बल्कि इसलिए भीख मांगते हैं कि वे मानसिकरूप से बीमार हैं... आलसी हंै... अक्सर खबरें आती हैं जिनसे पता चलता है कि कई भिखारी लखपति भी हैं. कई सालों पहले करनाल में एक भिखारी ने शीत लहर से परेशान हो कर लाखों रुपयों के नोट जला कर सर्दी भगाई थी.


इधर, ओडिशा के कृषि मंत्री दामोदर राउत का ब्राह्मणों को लेकर बेशर्म बयान आया है, हालांकि खबर है कि ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर कृषि मंत्री दामोदर राउत को उनके मंत्रालय से बर्खास्त कर दिया. 


इस मुर्खतापूर्ण बयान के लिए राउत से त्यागपत्र देने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया... बाद में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया. 


ओडिशा के सीएम पटनायक ने प्रेस से कहा कि... किसी भी जाति, नस्ल या धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाले किसी व्यक्ति को मैं सख्ती से नामंजूर करता हूं... मैंने दामोदर राउत को मंत्रिपरिषद से बर्खास्त कर दिया है. उल्लेखनीय है कि राउत, बीजद.... बीजू जनता दल के उपाध्यक्ष भी हैं.


खबरें हैं कि दामोदर राउत ने 17 दिसंबर 2017 को मल्कानगिरि में एक कार्यक्रम में ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ अपमानजक टिप्पणी की थी, जिसके बाद राज्यव्यापी प्रदर्शन भी हुए थे.


आश्चर्यजनक की बात यह है कि... मंत्री जैसे जिम्मेदारी के पद पर बैठे व्यक्ति ऐसे गैरजिम्मेदाराना बयान कैसे दे सकते हैं? इनदिनों इस तरह के गैरजिम्मेदाराना बयान बढ़ते जा रहे हैं, उच्च पदों पर बैठे राजनेताओं को ऐसे नेताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने ही चाहिए.



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