अन्य त्योहारों को इको फ्रेंडली के आह्वान के साथ बकरा ईद को बनाये इको फ्रेंडली

Updated on August 22, 2018
अन्य त्योहारों को इको फ्रेंडली के आह्वान के साथ बकरा ईद को बनाये इको फ्रेंडली, Banswara "Make echo friendly Bakra Id"

Banswara August 21, 2018 जिस तरह पानी को बचाने के लिए होली सुखी होली खेलने का आग्रह किया जाता है, दीपावली पर वायु और ध्वनि प्रदूषण न हो बिना पटाखों के दीपावलो मनाये और सिर्फ इश्वर की पूजा करे, मकर संक्राति पर माझे से किसी की गर्दन न कटे इस वजह से पतंग ना उडाये, गणेश उत्सव में सांकेतिक मूर्ति विसर्जन नहीं डुबाये, शिव को दो बूंद दूध और बाकि दूध गरीबों में बांटे और इसमें कई विवाद भी उत्पन्न होते है जिसमे कई इसके पक्ष में आते है और कई इसके खिलाफ आते है पर सबका अपना अपना मत रहता है और जो सभी को रखने का हक है जिसे सहीं लगता है वो मानता है और जिसे सहीं नहीं लगता है वो नहीं मानता है।

इसी प्रकार बकरा ईद को भी इसी प्रकार से बेजुबान को ना मारकर उसे जिन्दा रखकर ईद मनाकर एक मिसाल कायम भी कर सकते है। इससे बेजुबान जानवरों को इससे जीवन बक्शा जाएगा और इससे बचने वाला पैसा आप गरीबों में बांटकर एक मिसाल कायम कर सकते है। 

यह किसी धर्म के खिलाफ नहीं है यह सिर्फ समय के अनुसार त्योहार को थोडा बदलने की आवश्यकता है क्यूंकि हर त्यौहार समय के अनुसार बदला है और इस प्रकार हमें भी समय के अनुसार बदलना बहुत जरूरी है।



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