व्यापार भविष्य जनवरी 2019

Updated on January 7, 2019 Jyotish
व्यापार भविष्य जनवरी 2019, Banswara "Business Prediction January Two thousand nineteen"

व्यापार भविष्य
जनवरी 2019:
धनु राषि में बना चार ग्रहों का योग वर्शा अथवा युद्ध से दुःखी सब लोग।
एक राष पर हो गुरू-षुक्र आसार अनावृश्टि, अतिवृश्टि से दुःखी संसार।
कृश्ण पक्ष तिथि छटे षुक्ल पक्ष बढ़ जाय सभी वस्तु सस्ती बिके लोग रहे सुखी,
पोश मास के दिन जब आवे षनिवार भय उपजे महंगे बिके ज्वार, बाजरा, ग्वार।
सोमवार हो जब सूर्य संक्रांति मूंगा, मोती, धान्य, सस्ता अरू सुख षांति।
मकर में भानु में तेज बिके घी, तैल, धान्य मंदे रहे कुछ पीड़ा का खेल।
पोश सुदी एकादषी जो हो कृतिका नक्षत्र लाल वस्तुओं खूब लााभ होगा सर्वत्र।
सुदी तेरस पोश की मंगल या षनिवार वर्शा हो जब तो भरो गेहूं के भण्डार
सूर्य षांति जगह एक राष बम्ब ब्लास्ट, भूकंप कहे खण्डेलवाल।

इस मास में पांच रविवार एवं पांच सोम अतः खाने-पीने की वस्तु, दाल, किराना, कपड़े में तेजी, बाजार में तेजी कारक। फल, फूल, ज्वार, बाजरा, घी, तेल, षक्कर में अच्छी तेजी, आलू, लहसुन, प्याज मंदे, किसानों ज्यादा लहसुन नहीं करने चाहिए, महंगाई खूब बढ़े।  धनु राषि में सूर्य-षनि आगे केतु पीछे गुरू षेयर मार्केट में उथल-पुथल, व्यापारी, सवर्ण दुःखी रहे। यानखान, रेल्वे, रोड़ एक्सीडेण्ट, सरहदों पर लड़ाई-झगड़े, गोलीकाण्ड बढ़े। प्राकृतिक आपदा से जन हानि। किसी गणमान्य जन का निधन।


1 जनवरी-ग्यारस मंगल- सूत, सण, रूई, कपास, सोना, रूई, चांदी, कपड़े में तेजी। 2 बारस बुद्ध- मूल धन-बुध, वृष्चिके षुक्र- रूई, कपास, चांदी, घी, तैल, अन्न, गेहूं, चना, ज्वार, बाजरा, ग्वार, सरसों कुछ मन्दी, राजा-प्रजा से आपसी झगड़े एवं प्रजा राजा का विरोध करें। सभी अन्न, रूई में तेजी। 3 तेरस गुरू- पुर्नवसु-राहु, उ.शा. केतु- नोट यहां पर बाजार बदलेगा, बाजार की चाल देखें, जल्दबाजी न करें, बाजार का रूख देखकर व्यापार करें। 4 चैदष षुक्र-अनुराधा-षुक्र- यहां समय भूकंप, यान खान दुर्घटना, अनेक प्रकार के उपद्रव, रेल्वे, रोड़ एक्सीडेण्ट का योग बन रहा है। यह कुछ मन्दापन होने के योग है। 5 अमावस्या षनिवार- अगर आज अनाज सस्ता मिले तो ले लेना चाहिए आगे लाभ मिलेगा, प्रजा में भय बनेगा। 6 अमावस रविवार तिथि वृद्धि बाजार को देखें। 7 एकम सोम- चन्द्रदर्षन, सोना, चान्दी घट-बढ़, प्रजा को कश्ट, कहीं-कहीं उत्पाद आगे कई जींसों में तेजी आयेगी। 8 बीज मंगलवार रूई में तेजी, सरहदों पर गोलीकाण्ड़, उत्तरप्रदेष, बिहार, बंगाल में हत्या, बलात्कार, गुण्डागर्दी, मजहब के नाम लड़ाई-झगड़े होवे। महंगाई खूब बढ़े। 9 तीज बुद्ध- पू.शा. बुद्ध- सोना, चांदी, जौ, चना, मटर, उड़द, मूंग, बाजरा, ग्वार मंदे। गुड़, षक्कर, सरसों, बिनौला, रूई, कपास तेज, प्रजा बीमार रहे, कहीं-कहीं वर्शा होवे। 11 पंचमी षुक्रवार- उ.शा. सूर्य, सूत, कपड़ा, चावल तेज, रूई, गुड़ तेज। 12 छट षनि- ज्येश्ठा में गुरू सभी प्रकार के अन्न में उतार-चढ़ाव, चान्दी मन्दी, भारत के कई हिस्सों में पीने का पानी नसीब होगा, बैरोजगारी, महंगाई बढ़ेगी, लोग सड़कों पर उतरेंगे। केन्द्र सरकार को नुकसान होवे। प्रजाा एवं रजाजा के बीच देमनस्य बढ़े। 14 अश्टमी सोम-मकरे सूर्य-सफेद वस्तु, चना, जौ, कोयला, लकड़ी, पत्थर, चावल, सूखे मेवे, दाल, माल किराणा, गुड़, तिल महंगे। 16 दषमी बुद्ध- तिल, तेल, सरसों, मूंगफली, रूई, उड़द, गेहूं, जौ तेज। 17 ग्यारस गुरू रेवति- मंगल-ज्येश्ठा षुक्र-गेहु, जौ, चना, मूंग, उड़द, फल, फूल, नारियल, ज्वार, बाजरा, मक्का, वस्त्र तेज, आज कृतिका नक्षत्र होने से लाल-पीली वस्तु में तेजी रहेगी। नोटः आगे षेयर मार्केट में बड़ी उथल-पुथल होगी, महंगाई बढ़ेगी, बेरोजगारी बढे़गी। 18 बारस षुक्रवार - उ.शा. बुद्ध- फसल अच्छी, छोटे बच्चों में बिमारी ठंडी हवा चलें। भारत में आतंकवादियों द्वारा बम ब्लास्ट, गोलीकांड उत्तर पूर्व भारत में सबसे ज्यादा समस्या बढ़े। 19 तेरस षनि- आज वर्शा हो तो गेहूं, अनाज संग्रह करें, आगे लाभ मिलेगा। 20 चैदष रवि- षनि उदय आठ दिन रूई मंदी रहेगी, षेयर में मंदापन अनाज तेज होकर मन्दा, अलसी, सरसों, बिनौला, मूंगफली, लोहा, जस्ता, काले पदार्थ, घास, लकड़ी, गुड़, रस पदार्थ तेज। 21 पूर्णिमा सोम- रूई मंदी, घी, गुड़, तेल, तिलहन तेजी। 22 बीज मंगल- एकम का टूटना चान्दी तेज, पषुओं को कश्ट, अनाज का संग्रह करें आगे तेजी। 24 चैथ गुरू-श्रवणे सूर्य- पू.शा.- षनि- अलसी, गेहूं, जौ, चना, बाजरा, लोंग, सुपारी, सरसों, गुड़ तेज, सोना, चांदी, तांबा आगे 8 से 10 दिन तक मन्दा। 26 छट षनि-श्रवणे बुद्ध- जहां-तहां बर्फ गिरने से फसलों को नुकसान, वर्शा कहीं कहीं। गुड़, षक्कर, किराणा तेज, रेलवे यान खान दुर्घटना, आतंकवादियों द्वारा बम ब्लास्ट, गोलीकाण्ड़। 29 नवमी मंगल- मूल धन, चान्दी मन्दी, षैयर, अन्न, गेहुं, जौ, चना, ज्वार, बाजरा, घी, षक्कर, लोहा तेज। 30 दषमी बुद्ध- ज्येश्ठा गुरू- सभी तरह के अनाज में भारी घट-बढ़, चान्दी मंदी देषमें जहां-तहां लड़ाई-झगड़े होवे, राज विग्रह होवे, प्रजा दुःखी रहे, नेताओं से जनता दुःखी रहे। 31 ग्यारस गुरू- तिल, तेल, सरसों, सोना, चान्दी, रूई, सूत, कपास, वस्त्र घट बढ़ होवे। 

- डाॅ. भवानी खण्डेलवाल
ज्योतिश अनुसंधान केन्द्र
2-ए-17, हाउसिंग बोर्ड, बांसवाड़ा
मो. 9414101332
 



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